त्योहार व्रत · अध्याय 23
रक्षा बंधन की कथा
अब तक की कहानी
रक्षा बंधन सावन की पूर्णिमा को मनाया जाता है। रक्षा-सूत्र बाँधने की परंपरा की कई पुरानी कथाएँ हैं।
रक्षा बंधन श्रावण मास की पूर्णिमा को मनाया जाता है। परंपरा के अनुसार बहन थाली में रोली, अक्षत, दीया और मिठाई सजाकर भाई का तिलक करती है, आरती उतारती है और उसकी कलाई पर राखी बाँधती है। भाई उसकी रक्षा का वचन देता है और उपहार देता है। कई घरों में पुरोहित भी यजमानों को बाँधते हैं, और इसी दिन श्रावणी उपाकर्म भी होता है।
भविष्य पुराण में एक कथा आती है। एक बार देवताओं और असुरों में लंबा युद्ध चला, और देवता हारने लगे। देवराज इंद्र चिंतित होकर गुरु बृहस्पति के पास गए। तब इंद्र की पत्नी शची (इंद्राणी) ने कहा कि वे उपाय करेंगी।
श्रावण पूर्णिमा के दिन बृहस्पति ने मंत्रों के साथ एक रक्षा-सूत्र तैयार किया। इंद्राणी ने वह सूत्र इंद्र की दाहिनी कलाई पर बाँधा। कथा कहती है कि इसके बाद इंद्र नए साहस से लड़े और देवताओं की विजय हुई। तभी से इस दिन रक्षा-सूत्र बाँधने की परंपरा चली।
एक और लोकप्रिय कथा राजा बलि की है। वामन अवतार में भगवान विष्णु ने बलि से तीन पग धरती माँगी और उसे पाताल का राजा बना दिया। बलि की भक्ति से प्रसन्न होकर विष्णु उसके द्वारपाल बनकर वहीं रहने लगे। वैकुंठ सूना हो गया।
तब देवी लक्ष्मी एक साधारण स्त्री के रूप में बलि के पास गईं और श्रावण पूर्णिमा को उसकी कलाई पर रक्षा-सूत्र बाँधकर उसे भाई बनाया। बलि ने बहन से उपहार माँगने को कहा। लक्ष्मी जी ने अपने पति को वापस माँग लिया, और बलि ने ख़ुशी से विष्णु को विदा कर दिया। श्रीकृष्ण और द्रौपदी के आँचल की कथा भी लोक-परंपरा में बहुत प्रिय है।
आज के जीवन में सीख
राखी सिर्फ़ धागा नहीं, एक वचन है — एक-दूसरे का साथ देने और रक्षा करने का। यह वचन भाई-बहन ही नहीं, हर रिश्ते में निभाया जा सकता है।
सभी अध्याय
- 1सोमवार व्रत कथा
- 2सोलह सोमवार व्रत कथा
- 3मंगलवार व्रत कथा (हनुमान जी)
- 4बुधवार व्रत कथा
- 5गुरुवार (बृहस्पतिवार) व्रत कथा
- 6शुक्रवार संतोषी माता व्रत कथा
- 7शनिवार (शनि देव) व्रत कथा
- 8रविवार (सूर्य देव) व्रत कथा
- 9सत्यनारायण कथा — पहला और दूसरा अध्याय
- 10सत्यनारायण कथा — तीसरा अध्याय
- 11सत्यनारायण कथा — चौथा और पाँचवाँ अध्याय
- 12प्रदोष व्रत कथा
- 13संकष्टी चतुर्थी व्रत कथा
- 14एकादशी व्रत कथा — एकादशी देवी का जन्म
- 15पूर्णिमा व्रत कथा
- 16मकर संक्रांति की कथा
- 17महाशिवरात्रि व्रत कथा
- 18शीतला अष्टमी (बसौड़ा) व्रत कथा
- 19नवरात्रि व्रत कथा
- 20वट सावित्री व्रत कथा — सावित्री और सत्यवान
- 21निर्जला एकादशी व्रत कथा — भीमसेनी एकादशी
- 22हरियाली तीज व्रत कथा
- 23रक्षा बंधन की कथा
- 24जन्माष्टमी व्रत कथा
- 25हरतालिका तीज व्रत कथा
- 26गणेश चतुर्थी कथा — चंद्रमा और स्यमंतक मणि
- 27ऋषि पंचमी व्रत कथा
- 28करवा चौथ व्रत कथा — वीरावती की कहानी
- 29अहोई अष्टमी व्रत कथा
- 30गोवर्धन पूजा की कथा
- 31छठ पूजा की कथा
- 32देव उठनी एकादशी की कथा
- 33तुलसी विवाह की कथा — वृंदा की कहानी