त्योहार व्रत · अध्याय 29
अहोई अष्टमी व्रत कथा
अब तक की कहानी
करवा चौथ के चार दिन बाद माताएँ अपनी संतान के लिए अहोई अष्टमी का व्रत रखती हैं।
अहोई अष्टमी कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी को, दिवाली से लगभग आठ दिन पहले आती है। परंपरा के अनुसार माताएँ अपनी संतान की भलाई के लिए दिन भर व्रत रखती हैं। दीवार पर गेरू से या चित्र के रूप में अहोई माता बनाई जाती हैं, जिनके पास और उसके बच्चे भी बने होते हैं। शाम को पूजा और कथा के बाद तारों को देखकर अर्घ्य दिया जाता है और व्रत खोला जाता है।
एक नगर में एक साहूकारनी रहती थी, जिसके सात बेटे थे। दिवाली से पहले घर लीपने के लिए वह जंगल में मिट्टी लेने गई। जिस जगह वह कुदाल से मिट्टी खोद रही थी, वहाँ स्याहु की माँद थी। अनजाने में कुदाल लगने से स्याहु का एक बच्चा मर गया।
साहूकारनी को बहुत दुख हुआ, पर वह चुपचाप घर लौट आई। कथा कहती है कि इसके बाद एक-एक करके उसके बेटों पर संकट आया और वे उससे बिछड़ गए। वह हर दिन रोती थी और सोचती थी कि उससे क्या भूल हुई।
एक दिन उसने गाँव की बुज़ुर्ग स्त्रियों को अपनी पूरी बात सच-सच बताई। उन्होंने कहा — 'तुमने जान-बूझकर पाप नहीं किया, और अपनी भूल मान ली है, यह अच्छा है। अब कार्तिक कृष्ण अष्टमी को अहोई माता की पूजा करो, स्याहु और उसके बच्चों का चित्र बनाकर क्षमा माँगो।'
साहूकारनी ने पूरी श्रद्धा से अहोई माता का व्रत और पूजा की, और हर साल यह व्रत निभाया। कथा के अनुसार माता की कृपा से उसके सातों बेटे लौट आए और घर में फिर से ख़ुशी आई। तभी से माताएँ यह व्रत अपनी संतान के लिए रखती हैं।
आज के जीवन में सीख
एक माँ ने दूसरी माँ — एक छोटे जीव — का दुख समझा। हर जीव का दर्द हमारे जैसा ही है, और अपनी भूल मान लेना ही सुधार की पहली सीढ़ी है।
सभी अध्याय
- 1सोमवार व्रत कथा
- 2सोलह सोमवार व्रत कथा
- 3मंगलवार व्रत कथा (हनुमान जी)
- 4बुधवार व्रत कथा
- 5गुरुवार (बृहस्पतिवार) व्रत कथा
- 6शुक्रवार संतोषी माता व्रत कथा
- 7शनिवार (शनि देव) व्रत कथा
- 8रविवार (सूर्य देव) व्रत कथा
- 9सत्यनारायण कथा — पहला और दूसरा अध्याय
- 10सत्यनारायण कथा — तीसरा अध्याय
- 11सत्यनारायण कथा — चौथा और पाँचवाँ अध्याय
- 12प्रदोष व्रत कथा
- 13संकष्टी चतुर्थी व्रत कथा
- 14एकादशी व्रत कथा — एकादशी देवी का जन्म
- 15पूर्णिमा व्रत कथा
- 16मकर संक्रांति की कथा
- 17महाशिवरात्रि व्रत कथा
- 18शीतला अष्टमी (बसौड़ा) व्रत कथा
- 19नवरात्रि व्रत कथा
- 20वट सावित्री व्रत कथा — सावित्री और सत्यवान
- 21निर्जला एकादशी व्रत कथा — भीमसेनी एकादशी
- 22हरियाली तीज व्रत कथा
- 23रक्षा बंधन की कथा
- 24जन्माष्टमी व्रत कथा
- 25हरतालिका तीज व्रत कथा
- 26गणेश चतुर्थी कथा — चंद्रमा और स्यमंतक मणि
- 27ऋषि पंचमी व्रत कथा
- 28करवा चौथ व्रत कथा — वीरावती की कहानी
- 29अहोई अष्टमी व्रत कथा
- 30गोवर्धन पूजा की कथा
- 31छठ पूजा की कथा
- 32देव उठनी एकादशी की कथा
- 33तुलसी विवाह की कथा — वृंदा की कहानी