मासिक व्रत · अध्याय 15
पूर्णिमा व्रत कथा
अब तक की कहानी
पूर्णिमा पूरे चाँद की तिथि है। यह कथा एक साहूकार की दो बेटियों की है।
परंपरा से पूर्णिमा पर स्नान-दान, भगवान विष्णु या सत्यनारायण की पूजा और व्रत किया जाता है। कई लोग दिन भर व्रत रखकर रात को चंद्रमा को अर्घ्य देते हैं और फिर भोजन करते हैं। व्रत को पूरे नियम से, अंत तक निभाना ही इसका मूल माना जाता है।
एक नगर में एक साहूकार की दो बेटियाँ थीं। दोनों पूर्णिमा का व्रत करती थीं। बड़ी बहन पूरा व्रत विधि से करती और चंद्रमा को अर्घ्य देकर ही भोजन करती। छोटी बहन व्रत करती — थोड़ी देर में ही कुछ खा लेती और नियम पूरे नहीं करती।
समय बीता, दोनों का विवाह हो गया। बड़ी बहन के घर सुंदर संतान हुई। पर छोटी बहन की संतान जन्म लेते ही नहीं बचती थी। दुखी होकर उसने पंडितों से कारण पूछा। उन्होंने कहा — तुमने पूर्णिमा का व्रत अधूरा किया है। अब पूरे नियम से व्रत करो। छोटी बहन ने भूल मानी और पूरे मन से विधिपूर्वक व्रत करने लगी।
उसे पुत्र हुआ, पर वह भी कुछ ही देर में निष्प्राण हो गया। छोटी बहन ने बालक को एक पीढ़े पर लिटाकर ऊपर कपड़ा ढक दिया और बड़ी बहन को बुलाकर उसी पीढ़े पर बैठने को कहा। बड़ी बहन बैठने लगी तो उसका घाघरा बालक को छू गया, और बालक रोने लगा। बड़ी बहन चौंककर बोली — तू मुझ पर कलंक लगाना चाहती थी? मैं बैठ जाती तो यह मर जाता!
छोटी बहन ने आँसू भरकर कहा — दीदी, यह तो पहले ही नहीं रहा था। तुम्हारे पुण्य से इसे जीवन मिला है। तुमने पूरे मन से व्रत किया, मैंने अधूरा। फिर उसने नगर में सबको बताया कि पूर्णिमा का व्रत पूरे नियम और श्रद्धा से करना चाहिए। तब से लोग इसे पूरे भाव से करने लगे।
आज के जीवन में सीख
आधे मन से किया काम आधा ही रहता है। जो भी करें — पढ़ाई, काम या पूजा — पूरे मन और ईमानदारी से करें।
सभी अध्याय
- 1सोमवार व्रत कथा
- 2सोलह सोमवार व्रत कथा
- 3मंगलवार व्रत कथा (हनुमान जी)
- 4बुधवार व्रत कथा
- 5गुरुवार (बृहस्पतिवार) व्रत कथा
- 6शुक्रवार संतोषी माता व्रत कथा
- 7शनिवार (शनि देव) व्रत कथा
- 8रविवार (सूर्य देव) व्रत कथा
- 9सत्यनारायण कथा — पहला और दूसरा अध्याय
- 10सत्यनारायण कथा — तीसरा अध्याय
- 11सत्यनारायण कथा — चौथा और पाँचवाँ अध्याय
- 12प्रदोष व्रत कथा
- 13संकष्टी चतुर्थी व्रत कथा
- 14एकादशी व्रत कथा — एकादशी देवी का जन्म
- 15पूर्णिमा व्रत कथा
- 16मकर संक्रांति की कथा
- 17महाशिवरात्रि व्रत कथा
- 18शीतला अष्टमी (बसौड़ा) व्रत कथा
- 19नवरात्रि व्रत कथा
- 20वट सावित्री व्रत कथा — सावित्री और सत्यवान
- 21निर्जला एकादशी व्रत कथा — भीमसेनी एकादशी
- 22हरियाली तीज व्रत कथा
- 23रक्षा बंधन की कथा
- 24जन्माष्टमी व्रत कथा
- 25हरतालिका तीज व्रत कथा
- 26गणेश चतुर्थी कथा — चंद्रमा और स्यमंतक मणि
- 27ऋषि पंचमी व्रत कथा
- 28करवा चौथ व्रत कथा — वीरावती की कहानी
- 29अहोई अष्टमी व्रत कथा
- 30गोवर्धन पूजा की कथा
- 31छठ पूजा की कथा
- 32देव उठनी एकादशी की कथा
- 33तुलसी विवाह की कथा — वृंदा की कहानी