विद्येश्वर संहिता · अध्याय 1
शिव पुराण क्या है?
अब तक की कहानी
यह शिव पुराण की पहली कथा है। यहाँ से हम भगवान शिव की कथाओं की यात्रा शुरू करते हैं।
बहुत समय पहले नैमिषारण्य नाम के पवित्र वन में अनेक ऋषि-मुनि एक बड़े यज्ञ के लिए इकट्ठा हुए। वहाँ कथा सुनाने में निपुण आए। ऋषियों ने उनसे पूछा — कलियुग में लोग बेचैन रहेंगे, धर्म कमज़ोर होगा, तब मनुष्य का मन शांत और पवित्र कैसे होगा?
सूत जी मुस्कुराए और बोले — इसका उत्तर है शिव पुराण। यह कथा उन्होंने अपने गुरु वेदव्यास जी से सुनी थी। परंपरा कहती है कि यह पुराण स्वयं शिव की लीलाओं और उपदेशों से भरा है, और इसे प्रेम से सुनने वाले का मन धीरे-धीरे निर्मल होने लगता है।
शिव पुराण कई भागों में बँटा है, जिन्हें संहिता कहते हैं — जैसे विद्येश्वर संहिता, रुद्र संहिता, शतरुद्र संहिता, कोटिरुद्र संहिता, उमा संहिता, कैलास संहिता और वायवीय संहिता। प्रचलित रूप में इसमें लगभग चौबीस हज़ार श्लोक माने जाते हैं।
इसमें क्या है? शिवलिंग कैसे प्रकट हुआ, सती ने क्यों देह त्यागी, पार्वती ने कैसे तप किया, गणेश और कार्तिकेय कैसे जन्मे, बारह ज्योतिर्लिंग कहाँ-कहाँ हैं और शिवरात्रि का व्रत क्यों खास है। साथ ही इसमें भक्ति, पूजा और सही जीवन के सरल नियम भी बताए गए हैं।
शिव पुराण का सबसे बड़ा संदेश यह है कि शिव बहुत भोले हैं। वे धन या दिखावे से नहीं, सच्चे भाव से प्रसन्न होते हैं। एक लोटा जल, कुछ बेलपत्र और मन से लिया गया मंत्र — भक्तों के लिए यही शिव तक पहुँचने का रास्ता है।
ॐ नमः शिवाय
मैं भगवान शिव को नमन करता हूँ।
— पंचाक्षर मंत्र, जिसकी महिमा शिव पुराण में गाई गई है
आज के जीवन में सीख
भगवान तक पहुँचने के लिए बड़ी चीज़ों की नहीं, सच्चे मन की ज़रूरत होती है। छोटी-सी श्रद्धा भी सच्ची हो तो काफ़ी है।
सभी अध्याय
- 1शिव पुराण क्या है?
- 2अनंत ज्योति स्तंभ — ब्रह्मा और विष्णु
- 3शिवलिंग की पूजा क्यों होती है?
- 4सती और दक्ष का यज्ञ
- 5वीरभद्र और दक्ष के यज्ञ का विनाश
- 6तारकासुर का वरदान और कामदेव का भस्म होना
- 7पार्वती की तपस्या
- 8शिव-पार्वती विवाह
- 9कार्तिकेय का जन्म और तारकासुर वध
- 10गणेश का जन्म और हाथी का सिर
- 11त्रिपुरासुर और एक बाण
- 12नीलकंठ — जब शिव ने विष पिया
- 13गंगा का अवतरण — शिव की जटा में
- 14मार्कंडेय और काल पर विजय
- 15किरात और अर्जुन
- 16शिव के रूप — अर्धनारीश्वर और नटराज
- 17शिकारी और पहली शिवरात्रि
- 18बारह ज्योतिर्लिंग — भाग 1
- 19बारह ज्योतिर्लिंग — भाग 2