प्रेत खंड · अध्याय 3

मृत्यु के समय क्या होता है

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अब तक की कहानी

गरुड़ जी ने भगवान विष्णु से मृत्यु, यमलोक और मुक्ति के बारे में प्रश्न पूछे। भगवान ने उत्तर देना शुरू किया।

भगवान विष्णु ने कहा — जैसे पुराने कपड़े उतारकर नए पहने जाते हैं, वैसे ही आत्मा एक शरीर छोड़ती है। शरीर नश्वर है, पर आत्मा नहीं मरती। जब आयु पूरी होती है, तब शरीर की शक्ति धीरे-धीरे कम होने लगती है, इंद्रियाँ शिथिल हो जाती हैं और प्राण बाहर निकलने की तैयारी करते हैं।

पुराण बताता है कि अंतिम समय में मनुष्य को अपना पूरा जीवन याद आता है। जिसने अच्छे कर्म किए, उसका मन शांत रहता है और उसे सुंदर, कोमल रूप में दूत लेने आते हैं। जिसने दूसरों को दुख दिया, उसके मन में बेचैनी और भय होता है। यह शिक्षा है कि हमारा अंतिम क्षण हमारे पूरे जीवन का दर्पण होता है।

परंपरा के अनुसार, जब कोई अंतिम साँसें ले रहा हो, तब परिवार उसके पास बैठकर भगवान का नाम लेता है। उसके मुख में और तुलसी का पत्ता रखा जाता है। कई परिवार उसे धरती पर कुश बिछाकर लिटाते हैं, पास में तिल रखते हैं और दीपक जलाते हैं। इन सबका उद्देश्य है कि जाने वाले का मन भगवान में लगा रहे।

गरुड़ पुराण में अंतिम समय पर दान का भी महत्व बताया गया है — जैसे तिल, अन्न, वस्त्र या गौ का दान, जितना परिवार कर सके। माना जाता है कि यह दान आगे की यात्रा में सहारा बनता है। पर सबसे बड़ा सहारा है भगवान का नाम, जो कोई भी, कहीं भी ले सकता है।

यदि आपके प्रियजन का अंत अचानक हुआ, या आप उस समय पास नहीं थे, तो मन में अपराध-बोध न रखें। पुराण का भाव यह है कि भगवान करुणामय हैं। परिवार जो भी प्रेम और श्रद्धा से बाद में करता है — प्रार्थना, पाठ, दान — वह भी जाने वाले तक पहुँचता है, ऐसा परंपरा मानती है।

आज के जीवन में सीख

जैसा जीवन, वैसा अंत। हर दिन अच्छे विचार और अच्छे कर्म जोड़ते रहें — यही अंतिम समय की सबसे बड़ी तैयारी है।

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सभी अध्याय

  1. 1गरुड़ पुराण क्या है और मृत्यु के बाद क्यों पढ़ा जाता है
  2. 2गरुड़ जी के प्रश्न
  3. 3मृत्यु के समय क्या होता है
  4. 4शरीर छोड़ने के बाद आत्मा
  5. 5दस दिन का पिंडदान
  6. 6ग्यारहवाँ, बारहवाँ और तेरहवाँ दिन
  7. 7यमलोक का मार्ग और वैतरणी नदी
  8. 8यमराज का दरबार और चित्रगुप्त
  9. 9कर्म और उसका फल
  10. 10वे पुण्य कर्म जो साथ जाते हैं
  11. 11श्राद्ध और पितर
  12. 12प्रेत योनि और परिवार की सहायता
  13. 13पुनर्जन्म
  14. 14मोक्ष का मार्ग
  15. 15अच्छा जीवन कैसे जियें — गरुड़ पुराण का संदेश

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