श्री राम जय राम जय जय राम — अर्थ और जप विधि
यह भगवान श्रीराम का सबसे सरल और प्रिय नाम-जप मंत्र है। इसमें तेरह अक्षर हैं, इसलिए इसे त्रयोदशाक्षर राम मंत्र भी कहते हैं। भजन, कीर्तन और अखंड जप में इसे गाया जाता है। इसके लिए किसी विशेष विधि की ज़रूरत नहीं — बस श्रद्धा से राम नाम लेना ही काफ़ी है।
श्री राम जय राम जय जय राम॥
अर्थ
मंत्र
श्री राम जय राम जय जय राम॥
हे श्रीराम! आपकी जय हो, आपकी सदा जय हो।
अर्थ कथामंत्र टीम ने सरल भाषा में लिखे हैं।
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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
श्री राम जय राम जय जय राम कितनी बार जपें?
108 बार (एक माला) सबसे आम है। कई भक्त दिन भर चलते-फिरते भी मन में इसका जप करते हैं।
इस मंत्र का जप कब करें?
किसी भी समय। सुबह-शाम, रामनवमी, और हनुमान जी की पूजा में इसका विशेष महत्व माना जाता है, क्योंकि हनुमान जी राम नाम के सबसे बड़े भक्त हैं।
इसे तेरह अक्षरी मंत्र क्यों कहते हैं?
श्री-रा-म-ज-य-रा-म-ज-य-ज-य-रा-म — गिनने पर तेरह अक्षर होते हैं। महाराष्ट्र के संत समर्थ रामदास की परंपरा में यह मंत्र बहुत प्रसिद्ध है।