ॐ नमो भगवते वासुदेवाय — अर्थ और जप विधि

यह भगवान विष्णु और श्रीकृष्ण का बारह अक्षरों वाला (द्वादशाक्षर) मंत्र है। श्रीमद्भागवत में बताया गया है कि नारद मुनि ने बालक ध्रुव को यही मंत्र दिया था, और ध्रुव ने इसके जप से भगवान के दर्शन किए। इसे भक्ति और समर्पण का मंत्र माना जाता है।

1 मंत्र · 108 जप ≈ 8 मिनट

ॐ नमो भगवते वासुदेवाय॥

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ॐ नमो भगवते वासुदेवाय कितनी बार जपें?

सामान्यतः 108 बार (एक माला)। तुलसी की माला से जप करना परंपरा में शुभ माना जाता है।

यह मंत्र कब जपना चाहिए?

सुबह स्नान के बाद, एकादशी पर, जन्माष्टमी पर या किसी भी समय शांत मन से। इसमें कोई कठोर नियम नहीं है।

इस मंत्र का स्रोत क्या है?

यह श्रीमद्भागवत पुराण में आता है, जहाँ नारद मुनि इसे ध्रुव को देते हैं। इसके बारह अक्षरों के कारण इसे द्वादशाक्षर मंत्र कहते हैं।

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