मंगलवार व्रत कैसे रखें: हनुमान पूजा, भोग, भोजन और उद्यापन
संक्षेप में: मंगलवार व्रत हनुमान जी की भक्ति में रखा जाता है। भक्त सुबह स्नान करके लाल वस्त्र पहनते हैं, हनुमान जी को लाल फूल, सिंदूर, चमेली का तेल और बूँदी, गुड़-चना या लड्डू का भोग चढ़ाते हैं, और हनुमान चालीसा या सुंदरकांड पढ़ते हैं। दिन में एक बार सादा भोजन किया जाता है, कई लोग बिना नमक का। आमतौर पर यह व्रत 21 मंगलवार रखकर उद्यापन किया जाता है।
एक नज़र में
- देवता
- हनुमान जी
- रंग
- लाल या केसरिया
- भोग
- बूँदी, बेसन के लड्डू, गुड़-चना
- अवधि
- आमतौर पर 21 मंगलवार (कुछ 45)
मंगलवार व्रत की विधि
- किसी शुक्ल पक्ष के पहले मंगलवार से शुरू करें; सुबह स्नान करके लाल वस्त्र पहनें और संकल्प लें कि कितने मंगलवार रखेंगे।
- हनुमान जी की तस्वीर या मूर्ति के सामने घी या चमेली के तेल का दीपक जलाएँ।
- लाल फूल, सिंदूर, अक्षत और भोग (बूँदी, लड्डू या गुड़-चना) अर्पित करें। पहले श्रीराम-सीता का स्मरण करें।
- हनुमान चालीसा, बजरंग बाण या सुंदरकांड का पाठ करें और मंगलवार व्रत कथा पढ़ें।
- शाम को फिर दीपक जलाकर आरती करें।
- दिन में एक बार सादा भोजन करें; भोग का प्रसाद बाँटें।
उद्यापन
संकल्प के मंगलवार पूरे होने पर अगले मंगलवार को उद्यापन किया जाता है: हनुमान जी की पूजा, हवन या सुंदरकांड पाठ, और 21 (या अपनी क्षमता अनुसार) लोगों या ज़रूरतमंदों को भोजन व दान। विधि अपने पुरोहित से पूछें।
क्या करें
- व्रत के दिन ब्रह्मचर्य और संयम रखें।
- हो सके तो हनुमान मंदिर जाएँ।
- भोग घर पर साफ़-सफ़ाई से बनाएँ या शुद्ध मिठाई लें।
क्या न करें
- मांस, अंडा, शराब, प्याज़-लहसुन और नशा न करें।
- कई भक्त इस दिन नमक नहीं खाते; अपने परिवार का नियम मानें।
- क्रोध, अपशब्द और किसी का अपमान न करें।
- कुछ मंदिरों में सिंदूर-चोला चढ़ाने या मूर्ति छूने के अपने नियम होते हैं; वहाँ के पुजारी की बात मानें।
मंगलवार व्रत के नियम परिवार और क्षेत्र के अनुसार अलग हैं। अपनी परंपरा मानें। कथामंत्र किसी विशेष फल या ज्योतिषीय लाभ का वादा नहीं करता।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
मंगलवार व्रत कितने रखने चाहिए?
आमतौर पर 21 मंगलवार, कुछ लोग 45 रखते हैं। कई भक्त बिना संख्या के हर मंगलवार रखते हैं।
मंगलवार व्रत में क्या खाएँ?
दिन में एक बार सादा भोजन, जैसे गेहूँ की रोटी, गुड़, चना या मीठा; कई लोग बिना नमक का भोजन करते हैं।
क्या महिलाएँ मंगलवार व्रत रख सकती हैं?
हाँ, बहुत सी महिलाएँ यह व्रत रखती हैं और हनुमान चालीसा पढ़ती हैं। मंदिर के अपने नियमों का आदर करें।
हनुमान जी को कौन सा भोग प्रिय है?
परंपरा में बूँदी, बेसन के लड्डू, गुड़-चना और केला चढ़ाए जाते हैं।