ॐ श्रीं महालक्ष्म्यै नमः — अर्थ और जप विधि
यह माँ महालक्ष्मी का छोटा और लोकप्रिय मंत्र है। 'श्रीं' माँ लक्ष्मी का बीज अक्षर माना जाता है। दिवाली, शुक्रवार और शरद पूर्णिमा पर भक्त इसका जप करते हैं। परंपरा में माँ लक्ष्मी को केवल धन ही नहीं, बल्कि शुभता, सौंदर्य और घर की सुख-शांति की देवी माना जाता है।
ॐ श्रीं महालक्ष्म्यै नमः॥
अर्थ
मंत्र
ॐ श्रीं महालक्ष्म्यै नमः॥
ॐ, श्रीं — मैं माँ महालक्ष्मी को नमस्कार करता हूँ।
अर्थ कथामंत्र टीम ने सरल भाषा में लिखे हैं।
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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
यह मंत्र कितनी बार जपें?
रोज़ 108 बार (एक माला) सबसे आम है। परंपरा में कमलगट्टे या स्फटिक की माला लक्ष्मी जप के लिए शुभ मानी जाती है।
लक्ष्मी मंत्र का जप कब करें?
शुक्रवार, दिवाली की रात, शरद पूर्णिमा और सुबह या शाम दीपक जलाकर। घर साफ़ रखकर पूजा करना परंपरा में शुभ माना जाता है।
'श्रीं' का अर्थ क्या है?
'श्रीं' माँ लक्ष्मी का बीज मंत्र है। 'श्री' शब्द का अर्थ है शोभा, शुभता और समृद्धि — इसीलिए लक्ष्मी जी को 'श्री' भी कहते हैं।