नवरात्रि 2026: व्रत विधि, नौ देवियाँ, क्या खाएँ और क्या न करें
संक्षेप में: नवरात्रि में नौ दिन माँ दुर्गा के नौ रूपों की पूजा होती है। प्रतिदिन घट-स्थापना, आरती, चालीसा और दुर्गा सप्तशती का पाठ करें। व्रत में फल, साबूदाना, सिंघाड़े का आटा और दूध लें।
एक नज़र में
- तिथि 2026 (शारदीय)
- अनुमानित: 21–29 सितंबर 2026 (स्थानीय पंचांग से जाँचें)
- देवता
- माँ दुर्गा के नौ रूप (नवदुर्गा)
- तिथि
- अश्विन शुक्ल प्रतिपदा से नवमी
- व्रत
- नौ दिन या प्रथम और अष्टमी–नवमी पर; अनाज वर्जित
- समापन
- अष्टमी या नवमी को कन्या पूजन, दशमी को दुर्गा विसर्जन (विजयदशमी)
नवरात्रि पूजा विधि — नौ दिन की दिनचर्या
- प्रतिपदा (पहले दिन): घट-स्थापना करें। एक मिट्टी के कलश में जल भरें, उसमें जौ के बीज बोएँ, ऊपर नारियल रखें और पूजन करें।
- प्रतिदिन सुबह स्नान के बाद माँ दुर्गा को फूल, फल, चुनरी, सिंदूर और नैवेद्य अर्पित करें।
- दुर्गा चालीसा, दुर्गा सप्तशती का एक अध्याय, या दुर्गा आरती का पाठ करें।
- नौ दिनों में से हर दिन एक देवी का विशेष ध्यान करें — पहले दिन शैलपुत्री से शुरू करके नौवें दिन सिद्धिदात्री तक।
- अष्टमी या नवमी को कन्या पूजन करें: 2 से 10 वर्ष की 9 कन्याओं को घर बुलाएँ, उनके पाँव धोएँ, तिलक लगाएँ, भोजन कराएँ और दक्षिणा दें।
- दशमी (विजयदशमी) के दिन घट विसर्जन करें और व्रत का समापन करें।
नवरात्रि नौ देवियाँ — दिन-वार
- दिन 1 — शैलपुत्री: पर्वतराज हिमालय की पुत्री; सफ़ेद वस्त्र पहनें
- दिन 2 — ब्रह्मचारिणी: तप और वैराग्य की देवी; हरे वस्त्र शुभ
- दिन 3 — चंद्रघंटा: शांति और साहस देने वाली; पीले वस्त्र पहनें
- दिन 4 — कूष्माण्डा: ब्रह्माण्ड की जनक; नारंगी वस्त्र शुभ
- दिन 5 — स्कंदमाता: कार्तिकेय की माँ; सफ़ेद वस्त्र
- दिन 6 — कात्यायनी: महिषासुर का वध करने वाली; लाल वस्त्र शुभ
- दिन 7 — कालरात्रि: अंधकार का नाश; नीले वस्त्र पहनें
- दिन 8 — महागौरी: शुद्धता और करुणा की देवी; गुलाबी वस्त्र
- दिन 9 — सिद्धिदात्री: समस्त सिद्धियाँ देने वाली; बैंगनी या बहुरंगी वस्त्र
नवरात्रि व्रत में क्या खाएँ
- साबूदाना खिचड़ी, साबूदाना वड़ा
- कुट्टू के आटे की पूड़ी या पकौड़े
- सिंघाड़े के आटे का हलवा
- फल — केला, सेब, अनार, अंगूर
- दूध, दही, मखाना खीर, पनीर
- आलू की सब्ज़ी (सेंधा नमक से बनी)
- राजगिरा (अमरांथ) का लड्डू या खीर
नवरात्रि की सटीक तिथियाँ हर वर्ष बदलती हैं। स्थानीय पंचांग से जाँचें।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
नवरात्रि के व्रत में कौन-सा नमक खाएँ?
सेंधा नमक (rock salt / sendha namak) खाएँ। साधारण नमक और आयोडीन नमक वर्जित हैं।
कन्या पूजन कब और कैसे करें?
अष्टमी या नवमी के दिन 2 से 10 साल की 9 कन्याओं को आमंत्रित करें। उनके पाँव धोएँ, तिलक लगाएँ, हलवा-पूड़ी-चने का प्रसाद दें, दक्षिणा और लाल चुनरी दें।
शारदीय और चैत्र नवरात्रि में क्या अंतर है?
साल में दो नवरात्रि होती हैं। चैत्र नवरात्रि (मार्च-अप्रैल) हिंदू नव वर्ष की शुरुआत में आती है और शारदीय नवरात्रि (अक्टूबर) दशहरे से पहले। दोनों में पूजा विधि समान है।