अध्याय 9 · राजविद्याराजगुह्य योग · श्रीकृष्ण कहते हैं

गीता अध्याय 9, श्लोक 1 — सबसे गुप्त ज्ञान

श्रीभगवानुवाच। इदं तु ते गुह्यतमं प्रवक्ष्याम्यनसूयवे। ज्ञानं विज्ञानसहितं यज्ज्ञात्वा मोक्ष्यसेऽशुभात् ॥

śrībhagavānuvāca | idaṃ tu te guhyatamaṃ pravakṣyāmyanasūyave | jñānaṃ vijñānasahitaṃ yajjñātvā mokṣyase'śubhāt ||

अर्थ

श्रीकृष्ण कहते हैं — तुम दोष नहीं ढूंढते, इसलिए मैं तुम्हें यह सबसे गुप्त ज्ञान अनुभव सहित बताऊंगा, जिसे जानकर तुम सब अशुभ से मुक्त हो जाओगे।

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