अध्याय 6 · आत्मसंयम योग · श्रीकृष्ण कहते हैं
गीता अध्याय 6, श्लोक 3 — योग की सीढ़ी
आरुरुक्षोर्मुनेर्योगं कर्म कारणमुच्यते। योगारूढस्य तस्यैव शमः कारणमुच्यते ॥
ārurukṣormuneryogaṃ karma kāraṇamucyate | yogārūḍhasya tasyaiva śamaḥ kāraṇamucyate ||
अर्थ
जो योग पर चढ़ना चाहता है, उसके लिए कर्म साधन कहा गया है। जो योग पर चढ़ चुका है, उसके लिए शांति (शम) ही साधन है।