अध्याय 13 · क्षेत्रक्षेत्रज्ञविभाग योग · श्रीकृष्ण कहते हैं

गीता अध्याय 13, श्लोक 34 — सूर्य जैसे जग को प्रकाशित करे

यथा प्रकाशयत्येकः कृत्स्नं लोकमिमं रविः। क्षेत्रं क्षेत्री तथा कृत्स्नं प्रकाशयति भारत ॥

yathā prakāśayatyekaḥ kṛtsnaṃ lokamimaṃ raviḥ | kṣetraṃ kṣetrī tathā kṛtsnaṃ prakāśayati bhārata ||

अर्थ

हे भारत, जैसे एक ही सूर्य इस पूरे संसार को प्रकाशित करता है, वैसे ही क्षेत्रज्ञ पूरे क्षेत्र को प्रकाशित करता है।

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