अध्याय 1 · अर्जुनविषाद योग · अर्जुन कहते हैं
गीता अध्याय 1, श्लोक 39 — हम क्यों न बचें?
कथं न ज्ञेयमस्माभिः पापादस्मान्निवर्तितुम्। कुलक्षयकृतं दोषं प्रपश्यद्भिर्जनार्दन ॥
kathaṃ na jñeyamasmābhiḥ pāpādasmānnivartitum | kulakṣayakṛtaṃ doṣaṃ prapaśyadbhirjanārdana ||
अर्थ
...तो हे जनार्दन, हम जो कुल-नाश का दोष साफ देख रहे हैं, इस पाप से क्यों न बचें?