अध्याय 1 · अर्जुनविषाद योग · संजय कहते हैं
गीता अध्याय 1, श्लोक 16 — शंखों के नाम
अनन्तविजयं राजा कुन्तीपुत्रो युधिष्ठिरः। नकुलः सहदेवश्च सुघोषमणिपुष्पकौ ॥
anantavijayaṃ rājā kuntīputro yudhiṣṭhiraḥ | nakulaḥ sahadevaśca sughoṣamaṇipuṣpakau ||
अर्थ
कुंती-पुत्र राजा युधिष्ठिर ने अनंतविजय, और नकुल-सहदेव ने सुघोष और मणिपुष्पक शंख बजाए।